गजब कहानी
-एजेंसियों की स्पॉट बिलिंग पर कई सवाल
झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड एजेंसियों को स्पॉट बिलिंग का काम सौंप निश्चिंत हैं, खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे।
एजेंसी की निष्क्रियता के कारण विद्युत बोर्ड को रांची सर्किल में जनवरी में आठ करोड़ का नुकसान हो चुका है, फरवरी में यह दस करोड़ तक जाने की संभावना है। बोर्ड ने खुली निविदा द्वारा रांची और दुमका में स्पॉट बिलिंग का काम बिजनेस इनफॉरमेशन प्रोसेस सर्विसेज (बिप्स), नोएडा और जमशेदपुर व धनबाद का कार्यादेश स्टर्लिंग ट्रांसफार्मर को दिया था। शर्त के अनुसार दोनों एजेंसियों को आदेशित मूल्य का पांच प्रतिशत सिक्यूरिटी मनी कैश या बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा करना था। दस प्रतिशत परफार्मेंस बैंक गारंटी के रूप में बोर्ड के पास एग्रीमेंट के 15 दिन के अंदर देना था। दोनों ही एजेंसियां इसमें विफल रहीं। लेकिन, उन्हें अभयदान देते हुए 28 फरवरी, 2011 तक राशि जमा करने को कहा गया। अन्यथा, पुनर्निविदा की चेतावनी दी। बिप्स ने काफी हील-हुज्जत के बाद सिर्फ रांची सर्किल के लिए 25 लाख सिक्यूरिटी मनी व 50 लाख परफार्मेंस बैंक गारंटी के रूप में जमा कराया। दुमका के लिए 48 लाख रुपये की राशि जमा करने में एजेंसी ने असमर्थता जता दी। अब बिप्स रांची में स्पॉट बिलिंग का काम कर रही है। वहीं स्टर्लिंग ट्रांसफारर्मर ने जमशेदपुर में काम शुरू कर दिया, लेकिन अभी तक 48 लाख रुपये की सिक्यूरिटी मनी व परफार्मेंस बैंक गारंटी जमा नहीं कराया। स्टर्लिंग ने धनबाद में काम करने से साफ मना ही कर दिया। इसका नुकसान बोर्ड को तो उठाना पड़ ही रहा, उपभोक्ता अलग परेशान।
शर्तों का पालन नहीं
1. निविदा के अनुसार एजेंसियों को मीटर रीडिंग और बिलिंग के लिए अपने कर्मचारी रखने थे।
2. कर्मचारी फोटोयुक्त यूनिफार्म में होंगे, जिसपर उनका नाम व फोन नंबर लिखा होगा।
3. कर्मचारी के पहचान पत्र विद्युत बोर्ड के संबंधित अधिकारी व एजेंसी के मुख्य प्रभारी द्वारा अभिप्रमाणित होगा।
4. प्रत्येक माह के 14 तारीख तक मीटर रीडिंग का काम हो जाना चाहिए।
5. रीडिंग व बिलिंग के एकत्रित डाटा दूसरे दिन दस बजे तक इंटरनेट पर डाल दिया जाना चाहिए।
मिल रही शिकायत
डोरंडा नार्थ आफिस पाड़ा और साउथ आफिस पाड़ा व हिनू के शुक्ला कॉलोनी, किलबर्न कॉलोनी सहित कई अन्य इलाकों में स्पॉट बिलिंग के नाम पर एजेंसी का कर्मचारी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग व फोटोग्राफी कर चला आया। उपभोक्ताओं को बिल स्पॉट पर नहीं दिया गया। करीब दस दिन बाद स्पॉट बिलिंग मशीन से बिल निकाल घरों में पहुंचा दिया गया।
बिल गाथा
-तुपुदाना के सत्यम फ्लोर मिल को दिसंबर में कंज्यूमर नंबर एचकेएलटी/ एचके 6109 से 134313 रूपये का बिल मिला। बिल में 35890 यूनिट का उपभोग दर्शाया गया है। शिकायत करने पर इसे हाथ से सुधार कर 34,861 कर दिया गया।
-सिल्ली के कंचन कंज्यूमर नंबर एसएम 04/ एस916 का कनेक्शन दिसंबर 2010 में काट दिया गया था। अब उसे रनिंग उपभोक्ता बता दिया गया।
-सिल्ली के बिरेंद्र नाथ रजक के कंज्यूमर नंबर एसएम 07/ एस1462 कनेक्शन पर यूनिट उपभोग शून्य दिखाते हुए 5528 रूपये का बिल भेज दिया गया है।
-एजेंसियों की स्पॉट बिलिंग पर कई सवाल
झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड एजेंसियों को स्पॉट बिलिंग का काम सौंप निश्चिंत हैं, खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे।
एजेंसी की निष्क्रियता के कारण विद्युत बोर्ड को रांची सर्किल में जनवरी में आठ करोड़ का नुकसान हो चुका है, फरवरी में यह दस करोड़ तक जाने की संभावना है। बोर्ड ने खुली निविदा द्वारा रांची और दुमका में स्पॉट बिलिंग का काम बिजनेस इनफॉरमेशन प्रोसेस सर्विसेज (बिप्स), नोएडा और जमशेदपुर व धनबाद का कार्यादेश स्टर्लिंग ट्रांसफार्मर को दिया था। शर्त के अनुसार दोनों एजेंसियों को आदेशित मूल्य का पांच प्रतिशत सिक्यूरिटी मनी कैश या बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा करना था। दस प्रतिशत परफार्मेंस बैंक गारंटी के रूप में बोर्ड के पास एग्रीमेंट के 15 दिन के अंदर देना था। दोनों ही एजेंसियां इसमें विफल रहीं। लेकिन, उन्हें अभयदान देते हुए 28 फरवरी, 2011 तक राशि जमा करने को कहा गया। अन्यथा, पुनर्निविदा की चेतावनी दी। बिप्स ने काफी हील-हुज्जत के बाद सिर्फ रांची सर्किल के लिए 25 लाख सिक्यूरिटी मनी व 50 लाख परफार्मेंस बैंक गारंटी के रूप में जमा कराया। दुमका के लिए 48 लाख रुपये की राशि जमा करने में एजेंसी ने असमर्थता जता दी। अब बिप्स रांची में स्पॉट बिलिंग का काम कर रही है। वहीं स्टर्लिंग ट्रांसफारर्मर ने जमशेदपुर में काम शुरू कर दिया, लेकिन अभी तक 48 लाख रुपये की सिक्यूरिटी मनी व परफार्मेंस बैंक गारंटी जमा नहीं कराया। स्टर्लिंग ने धनबाद में काम करने से साफ मना ही कर दिया। इसका नुकसान बोर्ड को तो उठाना पड़ ही रहा, उपभोक्ता अलग परेशान।
शर्तों का पालन नहीं
1. निविदा के अनुसार एजेंसियों को मीटर रीडिंग और बिलिंग के लिए अपने कर्मचारी रखने थे।
2. कर्मचारी फोटोयुक्त यूनिफार्म में होंगे, जिसपर उनका नाम व फोन नंबर लिखा होगा।
3. कर्मचारी के पहचान पत्र विद्युत बोर्ड के संबंधित अधिकारी व एजेंसी के मुख्य प्रभारी द्वारा अभिप्रमाणित होगा।
4. प्रत्येक माह के 14 तारीख तक मीटर रीडिंग का काम हो जाना चाहिए।
5. रीडिंग व बिलिंग के एकत्रित डाटा दूसरे दिन दस बजे तक इंटरनेट पर डाल दिया जाना चाहिए।
मिल रही शिकायत
डोरंडा नार्थ आफिस पाड़ा और साउथ आफिस पाड़ा व हिनू के शुक्ला कॉलोनी, किलबर्न कॉलोनी सहित कई अन्य इलाकों में स्पॉट बिलिंग के नाम पर एजेंसी का कर्मचारी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग व फोटोग्राफी कर चला आया। उपभोक्ताओं को बिल स्पॉट पर नहीं दिया गया। करीब दस दिन बाद स्पॉट बिलिंग मशीन से बिल निकाल घरों में पहुंचा दिया गया।
बिल गाथा
-तुपुदाना के सत्यम फ्लोर मिल को दिसंबर में कंज्यूमर नंबर एचकेएलटी/ एचके 6109 से 134313 रूपये का बिल मिला। बिल में 35890 यूनिट का उपभोग दर्शाया गया है। शिकायत करने पर इसे हाथ से सुधार कर 34,861 कर दिया गया।
-सिल्ली के कंचन कंज्यूमर नंबर एसएम 04/ एस916 का कनेक्शन दिसंबर 2010 में काट दिया गया था। अब उसे रनिंग उपभोक्ता बता दिया गया।
-सिल्ली के बिरेंद्र नाथ रजक के कंज्यूमर नंबर एसएम 07/ एस1462 कनेक्शन पर यूनिट उपभोग शून्य दिखाते हुए 5528 रूपये का बिल भेज दिया गया है।
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