Wednesday, August 24, 2016

अब सौर ऊर्जा से रोशन होगा प्रोजेक्ट भवन व पुलिस मुख्यालय


 रांची : राजधानी के कई प्रमुख सरकारी भवन अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। प्रोजेक्ट भवन, पुलिस मुख्यालय, समाहरणालय भवन, मुख्यमंत्री सचिवालय व रिम्स जैसे संस्थानों में गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोत से बिजली उत्पादित कर इन्हें रोशनी देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। प्रोजेक्ट भवन में 135 किलोवाट क्षमता, पुलिस मुख्यालय में 70 किलोवाट क्षमता, समहरणालय में 125 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा पैनल और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने सभी सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली की जरूरत पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत ही झारखंड के कई भवनों में इसकी स्थापना की जा रही है।
राजधानी सहित कई जिलों के सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की शुरुआत कर दी गयी है। यह काम झारखंड गैर पारंपरिक विकास प्राधिकार (जेरेडा) से सूचिबद्ध कंपनियां कर रही हैं। राजधानी के  अधिकतर सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम एसजी इंटरप्राइजेज कर रही है।
पहले चरण में सदर अस्पताल और राज्य के सभी समाहरणालय भवनों और सदर अस्पतालों में गैर पारंपरिक ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम लिया गया है। इतना ही नहीं झारखंड हाईकोर्ट में भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। सौर ऊर्जा से जुड़े पैनल, बैटरियां, कंट्रोल रूम के सामान वगैरह हाईकोर्ट परिसर में आ चुके हैं। सरकार की तरफ  से सदर अस्पताल डालटनगंज, गढ़वा के समहरणालय भवन, सदर अस्पताल, चाईबासा और हजारीबाग में भी सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का काम चल रहा है। संयंत्र की स्थापना में एजेंसी को दो से तीन माह का वक्त लगता है।
कैसे काम करेगा संयंत्र
संयंत्र को बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए रखा गया है, इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां दो-दो वोल्ट की बैटरियों को एसी अल्टरनेटिव करेंट में कनवर्ट करने के लिए रखा गया है। चुंकि सौर ऊर्जा से डीसी डायरेक्ट करेंट प्राप्त होती है।  इसलिए इसे एसी वोल्ट में बदल कर आपूर्ति की जाती है। 135 किलोवाट क्षमता के प्लांट से बड़े भवनों में चार से पांच घंटे तक  बिजली की अबाधित आपूर्ति की जा सकती है। 

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